योग की चरमावस्था समाधि है, जहाँ आत्मा से परमात्मा का मिलन ही अंतिम लक्ष्य है. इसकी प्राप्ति के लिए बाह्य जगत को छोड़ अंतर्मुख होना ही एकमात्र युक्ति है. इसी प्रक्रिया को सहजता से दर्शाते हुए मूर्तिकार ने उपरोक्त विधि को मूर्त रुप दिया है. जब ध्यान तीसरे तिल (शिव नेत्र) में केंद्रित हो उर्ध्वगामी होता है तथा स्वयं का भान नहीं रह जाता (अहम् शून्य हो जाता है), तब वह सिमटकर बिंदु मात्र रह जाता है और अपने आनंद के वास्तविक स्त्रोत से जा मिलता है. यह मिलन ही पूर्ण योग है.

Art Number 19745
Artwork Title Go Within
Artist Name Uday Raghuwanshi
Medium 3D Printed Mixed Media (ABS, Fiber glass)
Size 18 x 0 inches (45.72 x 0 cm)
Other details Look: Pearly finish

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